परिक्रमा करते समय ध्यान रखें ये बातें मिलेंगे चमत्कारी फायदे।

परिक्रमा करते समय ध्यान रखें ये बातें मिलेंगे चमत्कारी फायदे।

शास्त्रो और ग्रंथो के अनुसार पूजा करते समय और पूजा करने के बाद भगवान की परिक्रमा करना शुभ माना जाता है  जिससे पाप और नकारात्मक ऊर्जा नष्ठ होती है. ऐसा माना जाता है की जिस मंदिर में मूर्ति की स्थापना पुरे विधि विधान से की जाती है, उस मूर्ति के आस पास सकारात्मक ऊर्जा रहती है, इसलिए जब भी हम मंदिर में पूजा करने के उपरांत जब परिक्रमा करते है तो वो सकारात्मक ऊर्जा हमे प्राप्त होती है और मन शांत रहता है. जिस दिशा में घडी की सुई घूमती है उस दिशा में परिक्रमा  करनी चाहिए क्यों दैवीय शक्ति ऊर्जा का प्रवाह भी इसी प्रकार होती है

भगवान की परिक्रमा करते समय इस मंत्र का जाप करना चाहिए:-

 यानी कानि च  पापानि  जन्मांतर कृतानि च ।।

 तानी सवर्णी नश्यन्तु प्रदक्षिणे  पदे -पदे ।।

अर्थात :- जाने अनजाने में मुझसे कोई भूल हुई हो और मैंने  पूर्वजन्मों  में कोई पाप किया हो या किसी का दिल दुखाया हो तो सारे पाप प्रदक्षिणा के साथ-साथ नष्ट हो जाए. परमेश्वर मुझे सद्बुद्धि प्रदान करे और सही मार्ग दर्शन दे.

जब भी आप हनुमान जी की  पूजा करते है या मंदिर जाते है तो हनुमान जी की तीन परिक्रमा करनी चाहिए।

शिवलिंग की सिर्फ आधी परिक्रमा करनी चाहिए।

माता दुर्गा की भी  तीन परिक्रमा करनी चाहिए।

बाके बिहारी, कृष्ण भगवान की हमेशा चार परिक्रमा करनी चाहिए।

भगवान विष्णु जी की चार परिक्रमा करनी चाहिए।

भगवान राम जी की  चार परिक्रमा करनी चाहिए।

भगवान  गणेश जी की  चार परिक्रमा करनी चाहिए।

भैरव महाराज की तीन परिक्रमा करनी चाहिए।